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SCO समिट 2022: SCO की बैठक करने उज्‍बेकिस्‍तान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आज पुतिन से भी मुलाकात

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पृष्‍ठभूमि:

उज्‍बेकिस्‍तान में आयोजित SCO समिट की बैठक में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीटिंग स्‍थल पर पहुंच गए है। PM मोदी गुरूवार रात उज्‍बेकिस्‍तान के समरकंद पहुंचे थे।  जहां पर उज्‍बेकिस्‍तान के PM अब्‍दुल्‍ला अरिपोव, समरकंद के गर्वनर सहित अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों  द्वारा उनका स्वागत किया गया। मोदी आज रूस के राष्‍ट्रपति पुतिन के साथ ही ईरानी राष्‍ट्रपति इब्राहिम रईसी एवं उज्‍बेकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक में हिस्‍सा लेंगे। प्रधान मंत्री का  SCO समिट दौरा काफी महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी द्विपक्षीय  बैठक होने की संभावना भी जताई जा रही है।

क्‍या है SCO समिट ?

SCO एक शंघाई सहयोग संगठन है जिसकी स्‍थापना जून 2001 में हुई थी। इसका मुख्‍यालय चीन की राजधानी बीजिंग में है।  इसके 6 संस्‍थापक सदस्‍य समेत 8 पूर्णकालिक सदस्‍य है। संस्‍थापक देशों में चीन, रूस, उज्‍बेकिस्‍तान, कजाकिस्‍तान, किर्गिस्‍तान और ताजिकिस्‍तान है।  भारत एवं पाकिस्‍तान साल 2017 में इसके पूर्णकालिक सदस्‍यों के रूप में शामिल हुए।

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SCO के पर्यवेक्षक देशों में अफगानिस्‍तान, बेलारूस एवं मंगोलिया शामिल है। तो वहीं साझेदारों में कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका, आर्मेनिया एवं अजरबैजान शामिल है।

भारत के लिए SCO समिट कितना अहम है ?

SCO समिट दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन है।  क्‍योंक‍ि इसके सदस्‍य देशों में विश्‍व की लगभग 40 फीसदी आबादी रहती है। इसके साथ ही विश्‍व के कुल व्‍यापार का लगभग 24 फीसदी व्‍यापार यहीं से होता है।   क्‍योंकि यह उज्‍बेकिस्‍तान का समरकंद वही इलाका है जहां से पहले सिल्‍क का व्‍यापार यूरोप तक होता था।  इसलिए यह भारत के लिए मध्‍य एशिया से जुड़ने का महत्‍पवूर्ण मंच है। इस शिखर सम्‍मेलन के ट्रेड, कनेक्‍टिविटी एवं एनर्जी तीन महत्‍वपूर्ण पहलू हैं।

कोविड-19 महामारी के बाद पहली बैठक:

कोविड-19 महामारी के बाद यह SCO  सदस्‍यों देशों की पहली बैठक है। इससे पहले यह SCO समिट साल 2019 में किर्गिस्‍तान में सम्‍पन्‍न हुई थी।    साल 2020 एवं 2021 में यह बैठक वर्चुअल तरीके से सम्‍पन्‍न हुई थी।

SCO समिट में सदस्‍य देशों की बैठक शुरू :

विदेश मंत्रायल के प्रवक्‍ता अरिदंम बागची ने बताया कि,  PM मोदी क्षेत्रीय शांति ,सुरक्षा, व्‍यापार, संपर्क ,पर्यटन और संस्‍कृति सहित क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए SCO समिट में सदस्‍य देशों के नेताओं के साथ बैठक में शामिल हुए।

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PM मोदी की उज्‍बेकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति से मुलाकात / जिनपिंग से मुलाकात पर सस्‍पेंस :

शंघाई स‍हयोग संगठन (SCO) समिट के दौरे में, PM मोदी  ने उज्‍बेकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव से  मुलाकात की।

चीन के राष्‍ट्रपति शी जिंनपिंग भी SCO शिखर सम्‍मेलन की बैठक के लिए समरकंद पहुंच चुके है।    जिसके चलते उनकी चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की गई है।

SCO में शामिल होने से पहले इसके संबंध में मोदी ने क्‍या कहा ?

PM मोदी ने SCO शिखर सम्‍मेलन में शामिल होने से पहले कहा, SCO शिखर सम्‍मेलन में, मैं सामयिक, क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्दों, SCO के विस्‍तार एवं संगठन के अंदर बहुआयामी तथा पारस्‍परिक रूप से लाभीकारी स‍हयोग को और मजबूत बनाने के बारे में विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए उत्‍सुक हूं।

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कहा कि, मैं समरकंद में राष्‍ट्रपति मिर्जियोयेव से मिलने के लिए भी काफी उत्‍सुक हूं।  मैं उनकी 2018 की भारत यात्रा को याद करता हूं। इसके अलावा मैं शिखर सम्‍मेलन में भाग लेने वाले अन्‍य नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करूंगा।

 

 

 

 

 

 

Kusum
I am a Hindi content writer.

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