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All-Women Bench: सिर्फ महिला जजों की पीठ आज सुनेगी वैवाहिक व जमानत मामले, SC की तीसरी बार ऐसी पहल

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All-Women Bench

All-Women Bench : सर्वोच्‍चतम न्‍यायालयय में आज वैवाहिक विवादों व जमानत के मामलों पर सिर्फ महिला जजों की पीठ  सुनवाई करेगी। भारतीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश डीवाई चंद्रचूड ने इसके लिए बुधवार को 3 सदस्‍यीय महिला बेंच का गठन किया। जिसमें जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह तीसरा अवसर है, जब केवल महिला न्‍यायाधीशों की पीठ का गठन किया गया है। यह All-Women Bench, 32 सूचीबद्ध वैवाहिक विवादों व जमानत के हस्‍तांतरित मामलों पर सुनवाई करेगी। जिसमें वैवाहिक विवादों से जुड़े, 10 ट्रांसफर पिटीशन और 10 जमानत की अर्जियां शामिल हैं। साल 2013 में पहली बार सुप्रीम कोर्ट में एक महिला बेंच गठित की गई थी।

पहली व दूसरी महिला बेंच कब बनी ?

आपको बता दें कि, सर्वोच्‍चतम न्‍यायालय में पहली All-Women Bench का गठन साल 2013 में किया था। जिसमें जस्टिस ज्ञानसुधा मिश्र और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई शामिल थीं। वहीं दूसरी बार महिला बेंच का गठन साल 2018 में किया गया। जिसमें सुप्रीम कोर्ट की न्‍यायाधीश आर बानुमति व जस्टिस इंदिरा बनर्जी शामिल थीं। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में 3 महिला न्‍यायाधीश हैं, जिनमें जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस बीबी नागरत्‍ना और जस्टिस बेला त्रिवेदी शामिल हैं।

SC को कब मिलेगी महिला CJI ?

जस्टिस बी‍बी नागरत्‍ना वर्ष 2027 में देश की पहली महिला मुख्‍य/प्रधान न्‍यायाधीश बनने जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान में CJI समेत 27 न्‍यायाधीश कार्यरत हैं, जबकि स्‍वीकृत पदों की संख्‍या 34 है।  इसी बीच, कॉलेजियम की सिफारिशों के अनुसार जजों की नियुक्तियां नहीं करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट व सरकार के बीच तनाव चल रहा है। नियुक्तियों की फाइलें रोके जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्‍त नाराजगी जताई है। वहीं, जनवरी 2023 तक 8 न्‍यायाधीश सेवानिवृत होने वाले हैं, जिससे 8 अन्‍य रिक्तियां भी बढ़ जाएंगी। 4 जनवरी को जस्टिस एस अब्‍दुल नजरी सेवानिवृत होने वाले हैं, इनके साथ ही 7 अन्‍य न्‍यायाधीशों का भी कार्यकाल पूरा हो जाएगा।

SC की पहली महिला न्‍यायाधीश कब बनीं ?

सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्‍यायाधीश 1989 में बनींं,जब न्‍यायामूर्ति एम फातिमा बीवी को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद केरल उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीश के रूप में नियुक्‍त किया गया था। उनके बाद जस्टिस सुजाता मनोहर, रूमा पाल, ज्ञान सुधा मिश्रा, आर भानुमति, इंदु मल्‍होत्रा, रंजना प्रकाश देसाई, इंदिरा बनर्जी, जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस त्रिवेदी और जस्टिस नागरत्‍ना थीं। जस्टिम कोहली, जस्टिस त्रिवेदी और जस्टिस नागरत्‍ना को एक ही दिन 2 सितंबर 2021 को तत्‍कालीन CJI एन वी रमन्‍ना के कार्यकाल के दौरान शपथ दिलाई गई थी।

 

 

Kusum
I am a Hindi content writer.

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