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भारत-बांग्‍लादेश : PM मोदी -शेख हसीना की प्रतिनिधिमंडल स्‍तर बैठक में कुशियारा नदी जल समझौते सहित, वैश्विक मुद्दों पर व्‍यापक चर्चा की, जानें

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सार

हाल ही में 6 सितंबर से बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना 4 दिवसीय भारत दौरे पर है। प्रधानमंत्री मोदी और शेख हसीना के नेतृत्‍व में भारत-बांग्‍लादेश के बीच प्रतिनिधिमंडल स्‍तर की बैठक सम्‍पन्‍न हुई । बैठक में 1360 MW बिजली संयंत्र उद्द्याटन एवं कुशियारा नदी जल समझौते के साथ ही  जल संसाधन, सम्‍पर्क, ऊर्जा, व्यापार और निवेश, विकास साझेदारी, सीमा प्रबंधन, क्षेत्रीय विकास तथा बहुपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

विस्‍तार

यह बैठक दिल्‍ली स्थित हैदराबाद हाउस में संपन्‍न हुई। दोनों  ने प्रतिनिधिमंडल स्‍तर बैठक में भारत-बांग्‍लादेश साझेदारी की समीझा कर संबंधों को सुदृढ़ बनाने हेतु कई अहम  समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए।   जिसमें दोनों देशों के मध्‍य जल संसाधन, रेल्‍वे, विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी तथा अंतरिक्ष प्रौद्यौगिकी के संबंध में समझौते किया । साथ ही प्रसार भारती और बांग्‍लादेश टेलीविजन के बीच प्रसारण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का समझौता शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक बयान में कहा है कि- हमने पिछले साल बांग्‍लादेश की आजादी के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्‍य में जश्‍न एवं पहला मैत्री दिवस भी मनाया है। भारत- बांग्‍लादेश संबंध आने वाले समय में नई बुलंदियों को छुऐंगे। दोनों देशों ने कुशियारा नदी के जल बंटवारे के संबंध में एक महत्‍वपूर्ण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए है। शेख हसीना जी ने जारी एक बयान में कहा है , दोनों देशों ने लंबित मुद्दों का समाधान किया है। हम आशा करते हैं कि तीस्‍ता जल-साझाकरण संधि सहित सभी बकाया मुद्दों का जल्‍द ही समाधान कर लिया जाएगा।

क्‍या है भारत-बांग्‍लादेश कुशियारा नदी जल समझौता ?

कुशियारा नदी दक्षिणी असम एवं बांग्‍लादेश के बीच बहती है।  प्रधानमंत्री मोदी ने बताया की, कुशियारा नदी के लिए अंतरिम जल बंटवारा समझौते पर मंगलवार को हस्‍ताक्षर किए गए। इससे दक्षिणी असम और बांग्‍लादेश के सिलहट इलाके में रहने वाले लोगों को फायदा होगा।  गंगा जल संधि पर 1996 में हस्‍ताक्षर किये जाने के बाद इस तरह का यह पहला समझौता है। शेख हसीना ने मोदी से तीस्‍ता जल बंटवारा समझौते का शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया है।   54 ऐसी नदियां हैं जो भारत-बांग्‍लादेश सीमा से होकर गुजरती हैं और सदियों से दोनों देशों के लोगों की आजीविका का आधार है।

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कौन-कौन से समझौतों पर हुई चर्चा ?

भारत- बांग्‍लादेश के बीच मुख्‍य 7 समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए

  •  भारत-बांग्लादेश सीमा पर कुशियारा नदी जल को लेकर समझौता।
  • प्रधानमंत्री मोदी और बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 1320 MW के बिजली संयंंत्र का उद्घाटन किया।
  • बांग्‍लादेश देश के अधिकारियों को भारतीय रेल्‍वे प्रशिक्षण संस्‍थानों में ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • भारत सूचना प्रौद्यौगिकी क्षेत्र में बांग्‍लादेश रेलवे को सहायता देगा।  इसके तहत फ्रेट मैनेजमेंट सिस्‍टम और IT आधारित क्षमताओं को बढ़ाने में भारत-बांग्‍लादेश की मदद करेगा।
  • बांग्‍लादेश के सर्वोच्‍चतम् न्‍यायालय और भारत की नेशनल ज्‍यूडिशल अकादमी के बीच बांग्‍लादेशी विधिक अधिकारियों की भारत में ट्रेनिंग के लिए समझौता हुआ।
  • भारत और बांग्‍लादेश के बीच विज्ञान और औद्यौगिकी अनुसंधान परिषद के बीच समझौते के साथ ही अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग समझौते पर हस्‍ताक्षर किए गए।
  • दोनों देशों के बीच बाढ़ मिटीगेशन के संबंध में सहयोग को लेकर समझौता हुआ । भारत बांग्‍लादेश के साथ रियल टाइम आधार पर बाढ़ संबंधी डेटा साझा करता रहा है।
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रोहिंग्‍या शरणार्थी मुद्दे पर क्‍या चर्चा हुई ?

भारत सरकार, म्‍यांमार को उनके रोहिंग्‍या प्रत्‍यावर्तन की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है । मोदी ने उन्‍हें शरण देने के मामले में बांग्‍लादेश की भूमिका को वैश्विक स्‍तर पर सराहा है।  भारत रोहिंग्‍ओं को वित्‍तीय सहायता प्रदान करता आया है और भविष्‍य में जब भी मदद की आवश्‍यकता होगी तो भारत सरकार जरूर मदद करेगी।

क्‍या कहा विदेश सचिव ने ?

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने मंगलवार को  बताया कि, दोनों नेताओं ने आतंकवाद, सीमा प्रबंधन एवं सीमा पार अपराधों को लेकर हमारे घनिष्ठ सुरक्षा सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के प्रधानमंत्री बांग्लादेश में रेलवे इन्फ्रा परियोजनाओं के विकास सहित हमारी विकास साझेदारी को ओर आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि, बांग्‍लादेशी प्रधान मंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधि स्‍तर की बैठक के बाद शाम को राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्‍ट्रपति जगदीप धनगढ़ से भी मुलाकात की है।

निष्‍कर्ष

बांग्‍लादेश, भारत का सबसे बड़ा विकास भागीदार है। दोनों देशों ने आतंकवाद और कट्टरवाद के खिलाफ सहयोग पर व्‍यापक चर्चा की ।  1971 की भावना को जीवंत रखने के लिए  जरूरी है कि ऐसी शक्तियों का मिलकर मुकाबला करें जो हमारे आपसी विश्‍वास पर आघात करना चाहती हैं। उम्‍मीद है यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई बुलंदियों तक ले लाने में महत्‍वपूर्ण साबित होगी।

 

 

 

Kusum
I am a Hindi content writer.

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